धान और मक्की की फसलों का बीमा 15 जुलाई से पहले अवश्य कराएं: शिल्पी वेक्टा
“खरीफ 2025 के लिए फसल बीमा योजनाओं पर जिला स्तरीय बैठक आयोजित“
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) और मौसम आधारित फसल बीमा योजना (WBCIS) के प्रभावी संचालन को लेकर आज धर्मशाला में कृषि विभाग द्वारा जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता एडीएम कांगड़ा शिल्पी वेक्टा ने की।
उन्होंने बताया कि खरीफ 2025 सीजन के लिए धान और मक्की की फसलें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत, जबकि गोभी, आलू और टमाटर की फसलें मौसम आधारित बीमा योजना के अंतर्गत शामिल की गई हैं। इन फसलों का बीमा क्षेमा जनरल इंश्योरेंस कंपनी और एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा किया जाएगा।
बीमा प्रीमियम और लाभ
किसानों को सिर्फ ₹48 प्रति कनाल का प्रीमियम देना होगा, जिससे उन्हें ₹2400 प्रति कनाल तक का बीमा कवरेज मिलेगा। यह योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले फसल नुकसान की भरपाई का प्रभावी सुरक्षा कवच प्रदान करती है।
बीमा की अंतिम तिथि
फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 15 जुलाई, 2025 निर्धारित की गई है।
पिछले वर्ष का मुआवजा वितरण
एडीएम ने जानकारी दी कि पिछले वर्ष लगभग 4412 किसानों को ₹83.41 लाख का मुआवजा वितरित किया गया था। इस वर्ष गेहूं की फसल के नुकसान का आंकलन कार्य अभी प्रगति पर है।
बीमा प्रक्रिया
ऋणी किसानों का बीमा स्वतः हो जाएगा, जब तक वे बैंक को लिखित रूप से मना न करें। जबकि गैर-ऋणी किसान लोक मित्र केंद्र, बैंक शाखा, अधिकृत एजेंट या पोर्टल के माध्यम से बीमा करवा सकते हैं।
कृषि विभाग का आग्रह
शिल्पी वेक्टा ने किसानों से आग्रह किया कि वे 15 जुलाई से पहले बीमा जरूर करवा लें ताकि संभावित प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान की स्थिति में राहत मिल सके।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस बैठक में उप कृषि निदेशक डॉ. कुलदीप धीमान, अग्रणी बैंक प्रबंधक एकता शर्मा, जिला राजस्व कार्यालय से विमला, कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक से सुमित मनकोटिया, क्षेमा इंश्योरेंस से अरुण कुमार तथा एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी से नीरज कुमार मौजूद रहे।
अधिक जानकारी के लिए किसान अपने नजदीकी कृषि अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
