अहमदाबाद विमान हादसा : गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल ने जताया दुख, केंद्रीय उड्डयन मंत्री ने कहा- घटना की जानकारी पाकर स्तब्ध हूं
“एयर इंडिया विमान हादसे पर उड्डयन मंत्री, गुजरात CM और एयर इंडिया प्रमुख ने जताया शोक“
गुरुवार को अहमदाबाद में एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने की दुखद घटना पर देशभर में शोक की लहर फैल गई। विमान लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए रवाना हुआ था और इसमें कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें दो पायलट और 10 केबिन क्रू सदस्य शामिल थे। टेक-ऑफ के तुरंत बाद विमान ने “मेडे कॉल” भेजा लेकिन फिर एटीसी से संपर्क टूट गया।
केंद्रीय उड्डयन मंत्री नायडू का बयान
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु ने दुर्घटना पर गहरा शोक जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “अहमदाबाद में विमान दुर्घटना के बारे में जानकर स्तब्ध हूं। मैं व्यक्तिगत रूप से स्थिति की निगरानी कर रहा हूं।”
उन्होंने बताया कि सभी राहत एजेंसियों को त्वरित और समन्वित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं और घटनास्थल पर बचाव दल तैनात किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने दिए राहत कार्य तेज़ करने के निर्देश
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि उन्होंने प्रशासन को युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था कराने और चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा है।
एयर इंडिया के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का बयान
एयर इंडिया के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने हादसे को “दुखद त्रासदी” बताते हुए कहा, “हमारी शोक संवेदनाएं प्रभावित परिवारों के साथ हैं। हम उन्हें हर संभव सहायता और देखभाल प्रदान कर रहे हैं।”
उन्होंने जानकारी दी कि एक आपातकालीन केंद्र स्थापित किया गया है और यात्रियों के परिवारों के लिए विशेष सहायता टीम बनाई गई है।
हादसे का विवरण
विमान ने दोपहर 1:39 बजे रनवे 23 से उड़ान भरी थी और उड़ान भरने के तुरंत बाद हवाई अड्डे की सीमा के बाहर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। चश्मदीदों के अनुसार, क्रैश के बाद घने काले धुएं का गुबार देखा गया।
बचाव कार्य जारी हैं, और घटनास्थल के आस-पास की सभी सड़कों को बंद कर दिया गया है। अस्पतालों में 1200 बेड की व्यवस्था की गई है ताकि घायलों को तुरंत चिकित्सा मिल सके।
यह हादसा ना सिर्फ एक बड़ी मानवीय त्रासदी है, बल्कि विमानन क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। अधिकारियों की जांच जारी है और विस्तृत जानकारी आने की प्रतीक्षा की जा रही है।
