शरची गांव में प्राइमरी हेल्थ सेंटर में डॉक्टर न होने से ग्रामीण परेशान,सीएम के दौरे पर ग्रामीणों ने बताई थी अपनी समस्याएं
“कुल्लू के बंजार क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बिताई रात, ग्रामीणों ने रखीं समस्याएं, समाधान की उम्मीद“
जिला कुल्लू की बंजार विधानसभा क्षेत्र की शरची पंचायत में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने “सरकार गांव के द्वार” कार्यक्रम के तहत रात्रि प्रवास किया। इस दौरान उन्होंने देर रात तक ग्रामीणों से बातचीत की और क्षेत्र की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को खराब सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली जैसे मुद्दों से अवगत करवाया।
हालांकि, लोगों में इस बात को लेकर मायूसी भी देखी गई कि मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में इन समस्याओं का विशेष रूप से उल्लेख नहीं किया। बावजूद इसके, ग्रामीणों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री का क्षेत्रीय दौरा उनके जीवन में बदलाव लाएगा।
शरची पंचायत की प्रधान रामेश्वरी ठाकुर ने बताया कि मुख्यमंत्री का दौरा स्वागत योग्य है और स्थानीय लोगों ने उन्हें मांगपत्र भी सौंपा है। उन्होंने बताया कि गांव को जोड़ने वाली सड़क की स्थिति अत्यंत खराब है और क्षेत्र में स्वास्थ्य व शिक्षा की सुविधाएं भी नाकाफी हैं। मुख्यमंत्री ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है और ग्रामीण जल्द कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।
स्थानीय महिला किरण देवी ने बताया कि गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पिछले चार वर्षों से कोई डॉक्टर तैनात नहीं है। बारिश के दिनों में मरीजों को पालकी पर लादकर गुशैनी ले जाना पड़ता है, जहां से उन्हें टैक्सी के जरिए कुल्लू ले जाया जाता है। इसके अलावा, स्कूल में स्टाफ की कमी के कारण एक ही मल्टीटास्क वर्कर को पूरा विद्यालय संभालना पड़ता है।
वहीं ग्रामीण दिलीप का कहना है कि सड़क न होने से न केवल आम जनता को परेशानी होती है, बल्कि पर्यटन गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। तीर्थन घाटी पर्यटन की दृष्टि से उभर रहा क्षेत्र है, इसलिए सरकार को यहां विशेष ध्यान देना चाहिए।
अब सभी की निगाहें इस पर हैं कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह द्वारा उठाए गए मुद्दों पर कितनी जल्दी कार्य किया जाता है और क्या वाकई इन समस्याओं का स्थायी समाधान हो पाएगा।
