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झंडूता के ऐतिहासिक नौण की सफाई, 200 वर्ष पुराने जल स्रोत को मिला नया जीवन

झंडूता: युवाओं ने 200 साल पुराने जल स्रोत को दी नई ज़िंदगी

झंडूता (बिलासपुर), 28 मई – ग्राम पंचायत झंडूता में स्थित ठाकुरद्वारा मंदिर के पास लगभग 200 वर्ष पुराने पारंपरिक जल स्रोत “नौण” को स्थानीय युवाओं ने सामूहिक प्रयास से साफ कर नया जीवन दिया है। यह ऐतिहासिक जल स्त्रोत लंबे समय से उपेक्षा का शिकार था और प्रदूषण के कारण उपयोग के लायक नहीं रहा था।

राजशाही काल से जुड़ा जल स्रोत

यह नौण, राजाओं के काल से क्षेत्र की जल आपूर्ति का महत्वपूर्ण स्रोत रहा है। वर्षों की अनदेखी और नियमित सफाई न होने के कारण इसका पानी गंदा हो गया था। खासकर गर्मियों में, जब जल संकट गंभीर होता है, यह समस्या और बढ़ जाती थी। लोगों का कहना है कि मंदिर के समीप होने की वजह से यहां मछलियों को चारा डालने की परंपरा से पानी में जैविक अपशिष्ट जमा हो गया था, जिससे जल पूरी तरह अशुद्ध हो गया था।

युवाओं की एकजुटता से शुरू हुआ सफाई अभियान

स्थिति की गंभीरता को समझते हुए ग्राम पंचायत झंडूता और आस-पास के क्षेत्रों के युवाओं ने सामूहिक रूप से इसे पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया। एक समर्पित टीम ने मिलकर दिनभर की मेहनत से नौण में जमी काई, कीचड़ और अन्य कचरे को हटाया। इस अभियान में स्थानीय ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।

सामुदायिक सहयोग की मिसाल

कई घंटे चले इस अभियान के बाद जल स्रोत फिर से साफ और उपयोग योग्य हो गया। इस प्रयास ने न केवल जल संकट को दूर करने में मदद की, बल्कि गांव में एकता और सहयोग की भावना को भी मज़बूत किया। स्थानीय लोग इसे अब एक प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में देख रहे हैं।

ऐतिहासिक महत्व और धार्मिक जुड़ाव

मंदिर के समीप स्थित यह नौण सिर्फ जल का स्रोत नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। वर्षों से यह धार्मिक आयोजनों और स्थानीय आस्था का हिस्सा रहा है।

उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का सहयोग

इस अभियान में ग्राम पंचायत उपप्रधान राकेश चंदेल, समाजसेवी रमेश, यशपाल, बीना देवी और अन्य ग्रामीणों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। सभी ने इसे भविष्य में नियमित रूप से बनाए रखने की प्रतिबद्धता भी जताई।

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