‘गणेश जी भी विदेश से आते हैं, वो भी छोटी आंखों वाले’, पीएम मोदी ने इशारे में बता दिया क्यों करें स्वदेशी समान का इस्तेमाल
“पीएम मोदी ने गांधीनगर में दिया ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश, विदेशी सामान छोड़ने की अपील“
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के गांधीनगर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा संदेश दिया। उन्होंने जनता से अपील की कि वे विदेशी सामान का बहिष्कार करें और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें।
विदेशी सामान पर कड़ा संदेश
‘गुजरात शहरी विकास योजना’ की 20वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा, “अब हम कोई विदेशी चीज का इस्तेमाल नहीं करेंगे।” उन्होंने बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ सेना की शक्ति से शुरू हुआ था, लेकिन अब इसे जन-जन की भागीदारी से आगे बढ़ाया जाएगा। पीएम ने उदाहरण देते हुए कहा कि आज त्योहारों में इस्तेमाल होने वाली चीजें तक विदेश से आती हैं — जैसे गणेश जी की मूर्तियां और होली के रंग।
ऑपरेशन सिंदूर: 140 करोड़ भारतीयों की जिम्मेदारी
प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से आग्रह किया कि वे अपने घरों में इस्तेमाल होने वाले विदेशी उत्पादों की सूची बनाएं और उन्हें बदलने की दिशा में कदम उठाएं। उन्होंने इसे “ऑपरेशन सिंदूर” का हिस्सा बताया, जो अब सिर्फ सैनिकों की नहीं बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
मेड इन इंडिया पर जताया गर्व
पीएम मोदी ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम मेड इन इंडिया उत्पादों पर गर्व करें। उन्होंने कहा कि पहले जब लोग विदेश जाते थे तो उनके लिए सामान की सूची बनती थी, लेकिन अब भारत में सब उपलब्ध है और कुछ मंगवाने की जरूरत नहीं पड़ती।
जनता में दिखा उत्साह
गांधीनगर के लोगों ने पीएम के संदेश का स्वागत किया और कई लोगों ने कहा कि वे अब विदेशी सामान का उपयोग नहीं करेंगे। स्थानीय निवासियों ने ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को जन-जन तक पहुंचाने की बात कही। कई लोगों ने कहा कि पीएम के भाषण ने उन्हें प्रेरित किया है और वे हर हफ्ते इस संदेश को समाज में फैलाएंगे।
स्वदेशी अपनाने का लिया संकल्प
सभा में मौजूद लोगों ने कहा कि वे अब विदेशी वस्तुओं की जगह घरेलू उत्पादों को अपनाएंगे और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान देंगे। प्रधानमंत्री के इस संबोधन को प्रेरणादायक बताते हुए स्थानीय लोगों ने स्वदेशी आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
