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“प्रधानमंत्री मोदी ने की टीबी उन्मूलन अभियान की समीक्षा, लक्ष्य 2025 तक देश को टीबी मुक्त” बनाना“
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देशभर में चल रहे टीबी (क्षय रोग) उन्मूलन अभियान की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने दोहराया कि भारत का लक्ष्य 2030 नहीं, बल्कि 2025 तक ही देश को टीबी मुक्त बनाना है। उन्होंने इसे सिर्फ एक राष्ट्रीय लक्ष्य नहीं, बल्कि एक वैश्विक मिशन का हिस्सा भी बताया।
टीबी उन्मूलन को लेकर भारत की प्रतिबद्धता
प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को यह निर्देश दिया कि राज्य सरकारों, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बढ़ाकर इस अभियान को तेज़ किया जाए। उन्होंने कहा कि भारत जिस तरह से कोविड-19 महामारी से जूझते हुए टीकाकरण जैसे बड़े लक्ष्य को समय से पहले पूरा कर पाया, उसी तरह टीबी के खिलाफ भी हमें निर्णायक सफलता प्राप्त करनी है।
साझेदारी और तकनीक पर जोर
बैठक में प्रधानमंत्री ने जनभागीदारी, तकनीकी नवाचार और डिजिटल ट्रैकिंग जैसे उपायों पर विशेष बल दिया। उन्होंने निजी क्षेत्र, सामाजिक संगठनों और युवाओं से भी अपील की कि वे “टीबी हारेगा, देश जीतेगा” जैसे अभियानों में सक्रिय भाग लें।
वैश्विक नेतृत्व में भारत की भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत न केवल अपने देश में, बल्कि वैश्विक स्तर पर टीबी उन्मूलन की दिशा में नेतृत्वकारी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने टीबी को सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य से जुड़ी बहुआयामी चुनौती बताते हुए इसके खिलाफ एक एकीकृत और सतत प्रयास की आवश्यकता जताई।
2025: एक निर्णायक पड़ाव
जहां विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का वैश्विक लक्ष्य 2030 तक टीबी को समाप्त करना है, वहीं भारत ने यह लक्ष्य पांच साल पहले यानी 2025 तक ही प्राप्त करने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री ने कहा, “यह चुनौती बड़ी है, लेकिन देश की सामूहिक इच्छाशक्ति उससे भी बड़ी है।”