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“सीएम योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर दी कड़ी प्रतिक्रिया, शिक्षकों को दी प्रेरणादायक सीख“
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को एक कार्यक्रम के दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बोलते हुए कहा कि आज का भारत किसी को छेड़ता नहीं, लेकिन अगर कोई भारत की सीमाओं या नागरिकों की सुरक्षा को चुनौती देता है, तो वह जवाब देना भी जानता है। उन्होंने कहा कि भारत अब बदल चुका है और इसकी ताकत का अनुभव पूरी दुनिया कर रही है।
मुख्यमंत्री लोकभवन, लखनऊ में आयोजित समारोह में 494 सहायक अध्यापकों और 49 प्रवक्ताओं को नियुक्ति पत्र वितरित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने 23 राजकीय इंटर कॉलेज में मिनी स्टेडियम की आधारशिला रखी, जिसकी कुल लागत करीब 4.92 करोड़ रुपये बताई गई। इसके अलावा, अटल टिंकरिंग लैब और आईसीटी लैब की स्थापना के लिए 10 सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को प्रमाण-पत्र भी सौंपे गए।
शिक्षा को ‘विकसित भारत’ की नींव बताया
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों से अपील की कि वे अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा से निभाएं और तकनीकी नवाचार के साथ शिक्षा को नई ऊंचाइयों पर ले जाएं। उन्होंने कहा, “आज दुनिया तेजी से बदल रही है। हमें भी उसी गति से आगे बढ़ते हुए छात्रों को समय के अनुरूप तैयार करना होगा।”
सीएम ने शिक्षकों को यह भी प्रेरित किया कि वे अपनी कक्षाओं को रोचक बनाएं और शिक्षण शैली में नई तकनीकों और कहानियों का समावेश करें ताकि छात्र बोर न हों और सीखने में रुचि लें।
शिक्षकों की भर्ती में पारदर्शिता का उदाहरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रही, जिसमें किसी सिफारिश की जरूरत नहीं पड़ी। उन्होंने दावा किया कि यह प्रणाली उन युवाओं को प्रेरित करती है जो बिना किसी दबाव या प्रभाव के केवल अपनी मेहनत और योग्यता के बल पर आगे बढ़ना चाहते हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि 2017 से पहले की माध्यमिक शिक्षा प्रणाली नकल और अव्यवस्था के लिए बदनाम थी, लेकिन अब स्थितियाँ काफी बदल चुकी हैं। ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ जैसे अभियानों ने स्कूली शिक्षा में नई ऊर्जा और विश्वास जगाया है।
8 वर्षों में 8 लाख से ज्यादा सरकारी नियुक्तियाँ
सीएम योगी ने बताया कि बीते आठ वर्षों में राज्य सरकार ने 8 लाख से अधिक युवाओं को विभिन्न सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी है। केवल माध्यमिक शिक्षा विभाग में यह आंकड़ा 40 हजार तक पहुंच चुका है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि एक ‘विकसित भारत’ की नींव विद्यालयों से ही रखी जा सकती है और शिक्षकों की भूमिका इस निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण है।