ऊना में 14.53 करोड़ की परियोजना से ईको पर्यटन को लगेंगे पंख
“ऊना जिले में ईको पर्यटन परियोजना को बढ़ावा, 14.53 करोड़ रुपये की योजना पर कार्य जारी“
जिले में ईको पर्यटन को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के लिए 14.53 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम जारी है। उपायुक्त जतिन लाल ने शुक्रवार को जिला स्तरीय समिति की बैठक के बाद बताया कि इस परियोजना के तहत बंगाणा उपमंडल में गोविंद सागर झील से सटे अंदरोली और लठियाणी के सोहारी में ईको पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
उपायुक्त ने बताया कि यह परियोजना समग्र ईको पर्यटन, जैव विविधता संरक्षण और आजीविका सृजन को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। परियोजना के पहले चरण में अंदरोली में वाटर स्पोर्ट्स, साहसिक और ईको पर्यटन सुविधाओं का विकास किया गया है। अब वहां सड़क और गेट निर्माण के लिए 56 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिसकी टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।
दूसरे चरण में लठियाणी के सोहारी में ईको पर्यटन पार्क विकसित किया जाएगा, जिसमें कैफेटेरिया, स्केटिंग रिंक, ट्री कॉटेज, अल्पाइन हट, बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, बर्ड वॉचिंग ज़ोन, हेल्थ क्लब, बोटैनिकल कॉटेज, वाटर लिली और लोटस फिश पॉन्ड जैसी सुविधाएं होंगी। इसके लिए 3.50 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसकी टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।
उपायुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार इस परियोजना में स्थानीय युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इस परियोजना से कुटलैहड़ क्षेत्र की 12 पंचायतों को सीधे तौर पर लाभ होगा, और स्थानीय लोग पर्यटन आधारित गतिविधियों से रोजगार प्राप्त कर सकेंगे।
