अगर केंद्र सरकार प्रदेश की मदद ना करें तो प्रदेश सरकार सैलरी पेंशन भी नहीं दे पाएगी: कश्यप
“मार्च 03, शिमला:“
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने हिमाचल प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की चौथी किश्त जल्द ही केंद्र सरकार से प्रदेश को मिलने वाली है, लेकिन अभी भी कई परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार व्यवस्था परिवर्तन के वादे के साथ सत्ता में आई थी, लेकिन दो वर्षों में भी कोई ठोस गारंटी पूरी नहीं कर पाई।
कश्यप ने कहा कि प्रदेश में पूर्व सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई विकास योजनाएं भी ठप पड़ी हैं, जिससे हिमाचल लगातार पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल को दिए जा रहे वित्तीय सहयोग पर जोर देते हुए कहा कि राज्य को भरपूर बजट दिया जा रहा है, जिसे प्रभावी रूप से उपयोग में लाया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसके तहत अब योजनाओं का बजट सीधे उन्हीं परियोजनाओं पर खर्च होगा, जिससे कार्यों को समय पर पूरा करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के 90:10 वित्तीय अनुपात का जिक्र करते हुए कहा कि यह विशेष श्रेणी राज्य के रूप में हिमाचल को आर्थिक मजबूती प्रदान कर रहा है।
कश्यप ने राज्य सरकार की आर्थिक स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अगर केंद्र सरकार सहायता न करे, तो प्रदेश सरकार कर्मचारियों की वेतन और पेंशन भुगतान में भी असमर्थ हो जाएगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार मंदिरों की आय को अपनी योजनाओं में खर्च कर रही है, जिसे अनुचित बताया।
उन्होंने हाल ही में कुफरी-चायल सड़क परियोजना के लिए 53 करोड़ रुपये की केंद्रीय मंजूरी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह हिमाचल के विकास के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भाजपा सांसदों ने निरंतर प्रदेश हित में केंद्र के समक्ष आवश्यक मांगें रखी हैं और हिमाचल के लिए आर्थिक सहयोग सुनिश्चित किया है।
