बर्फबारी से रिकांगपिओ के कई ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली व पेय जल आपूर्ति ठप्प, वाहनों के पहिये थमे
“किन्नौर में भारी बर्फबारी और बारिश से जनजीवन प्रभावित, कई मार्ग बाधित“
किन्नौर, 28 फरवरी – हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला किन्नौर में भारी बर्फबारी और बारिश का दौर लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। जिले में ग्लेशियर गिरने, हिमस्खलन और भूस्खलन की घटनाएँ सामने आई हैं, जिससे राष्ट्रीय उच्चमार्ग-5 (NH-5) समेत कई संपर्क मार्ग बाधित हो गए हैं।
यातायात पूरी तरह ठप, बसें फंसी
भारी बर्फबारी और भूस्खलन के कारण हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की बस सेवाएँ पूरी तरह ठप हो गई हैं। शुक्रवार को निगम द्वारा किन्नौर जिले में कोई भी बस सेवा संचालित नहीं की गई। सड़क मार्ग बाधित होने के कारण पूह, स्पिलो, काजा और सापनी में HRTC की 5 बसें फंस गई हैं। लंबी दूरी की बसों को रामपुर से वैकल्पिक मार्गों से भेजा जा रहा है।
बिजली और जल आपूर्ति प्रभावित
भारी हिमपात और बारिश के कारण रिकांगपिओ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली और पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। कई इलाकों में बर्फबारी और हिमस्खलन के कारण सड़कें पूरी तरह बंद हैं, जिससे राहत कार्यों में भी कठिनाई हो रही है।
मुख्य क्षेत्रों में भारी हिमपात और बारिश
- ऊँचाई वाले इलाकों – सांगला, चांसू, छितकुल, ज्ञाबुंग, लिप्पा, आसरंग, कल्पा और रिकांगपिओ में आधा फुट से 3 फुट तक बर्फबारी हुई।
- निचले इलाकों – स्पिलो, पोवारी, टापरी और भावानगर में लगातार बारिश का दौर जारी है।
मुख्य मार्ग बाधित, सड़क बहाली में दिक्कतें
- राष्ट्रीय उच्चमार्ग-5 (NH-5) निगुलसरी, नाथपा, लाल डांक, पुरबनी झूला, टिंकू नाला, जंगी नाला सहित कई जगहों पर अवरुद्ध हो गया है।
- प्रशासन, बीआरओ (BRO) और एनएच प्राधिकरण द्वारा सड़क मार्ग को बहाल करने का कार्य जारी है, लेकिन शूटिंग स्टोन (गिरते पत्थर) के कारण राहत कार्यों में बाधा आ रही है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाएँ तैनात की गई हैं, और हालात सामान्य करने के लिए प्रशासनिक टीमें जुटी हुई हैं।
भारी बर्फबारी और भूस्खलन के कारण किन्नौर में हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं, लेकिन प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
