उज्जैन- सीएमएचओ ने की गर्भवती पंजीयन की समीक्षा
“उज्जैन: गर्भवती पंजीयन में कमी पर ए.एन.एम. पर कार्रवाई, कई का स्थानांतरण“
उज्जैन, 13 फरवरी 2025 – जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार पटेल ने जानकारी दी कि गुरुवार को शहरी क्षेत्र की ए.एन.एम. (महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता) की गर्भवती पंजीयन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान एच.एम.आई.एस. पोर्टल के आंकड़ों की समीक्षा में पाया गया कि जनवरी 2025 तक उज्जैन शहरी क्षेत्र का गर्भवती पंजीयन लक्ष्य के मुकाबले मात्र 56 प्रतिशत ही पूरा हुआ है।
लक्ष्य से कम पंजीयन पर 7 ए.एन.एम. का स्थानांतरण
शहरी क्षेत्र में कार्यरत 07 ए.एन.एम. द्वारा 50 प्रतिशत से भी कम गर्भवती पंजीयन किए जाने के कारण कविता माण्डरे, मोनिका सोलंकी, नंदिनी जोशी, निर्मला अंधेरिया, विद्या कुनरे, लता सोलंकी और सीमा शेरे को शहरी क्षेत्र से हटाकर ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में स्थानांतरित किया गया है।
50-60% पंजीयन करने वाली 16 ए.एन.एम. का वेतन कटौती
बैठक में यह भी पाया गया कि 16 महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने लक्ष्य का 50 से 60 प्रतिशत ही पूरा किया। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए इन सभी का दो-दो दिन का वेतन काटने का निर्णय लिया गया है।
70% से कम पंजीयन वालों को चेतावनी
इसके अलावा, 13 अन्य ए.एन.एम. जो 70 प्रतिशत से कम गर्भवती पंजीयन कर पाई हैं, उन्हें आगामी 7 दिनों में 100 प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है। यदि तय समय सीमा के बाद भी पंजीयन की स्थिति 80 प्रतिशत से कम पाई गई, तो उनके वेतन से दो दिवस की कटौती की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं के नियमित पंजीयन और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए यह सख्त कदम उठाए गए हैं। आगामी समीक्षा बैठक में इन निर्देशों के अनुपालन की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
