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पुस्‍तकें पढ़ना एक शौक नहीं, बल्कि परिवर्तनकारी अनुभव है: राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

राष्ट्रपति ने किया नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2025 का उद्घाटन

नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आज नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2025 का भव्य उद्घाटन राष्ट्रपति द्वारा किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों की पुस्तकें पढ़ने से क्षेत्रों और समुदायों के बीच सेतु बनता है।

साहित्य और ज्ञान का महोत्सव

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि:

  • पुस्तकें विचारों और संस्कृतियों को जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।
  • विविध भाषाओं के साहित्य को पढ़ने से समाज में आपसी समझ और एकता बढ़ती है
  • यह मेला ज्ञान, रचनात्मकता और बौद्धिकता का उत्सव है, जो पाठकों और लेखकों को जोड़ने का कार्य करेगा।

पुस्तक मेले की विशेषताएं

  • देश-विदेश के प्रमुख प्रकाशकों और लेखकों की भागीदारी।
  • विविध भाषाओं की पुस्तकों का प्रदर्शन।
  • पुस्तक विमोचन, साहित्यिक चर्चाएं और लेखकों से संवाद जैसे विशेष कार्यक्रम।

साहित्य प्रेमियों के लिए अवसर

राष्ट्रपति ने इस मेले को विचारों के आदान-प्रदान और साहित्य प्रेमियों के लिए एक सुनहरा अवसर बताया। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पुस्तकों के अध्ययन और ज्ञान अर्जन के लिए प्रेरित होने की अपील की।

नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2025 देश की समृद्ध साहित्यिक परंपरा को उजागर करने और नई पीढ़ी को पुस्तकों की ओर आकर्षित करने का एक महत्वपूर्ण मंच बना रहेगा।

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