कांगड़ा जिले के आघार तालाब की दुर्दशा पर स्थानीय लोगों की चिंता, सरकार से सुधार की मांग
“आघार तालाब की बदहाली: संरक्षण की मांग उठी“
कांगड़ा जिले के नूरपुर उपमंडल के पास स्थित आघार तालाब की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। वर्षों से रखरखाव के अभाव में यह तालाब उपेक्षा का शिकार हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह एक ऐतिहासिक धरोहर थी, लेकिन अब इसकी स्थिति बदतर होती जा रही है।
तालाब की दुर्दशा
- तालाब में झाड़ियां उग आई हैं और कचरा जमा हो गया है, जिससे इसकी स्वच्छता और सुंदरता प्रभावित हुई है।
- पानी अब उपयोग करने योग्य भी नहीं रहा, जिससे स्थानीय लोगों को असुविधा हो रही है।
- प्रशासन और सरकार ने अब तक संरक्षण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
स्थानीय लोगों की मांग
- स्थानीय नागरिकों ने सरकार और प्रशासन से आग्रह किया है कि इस तालाब को संवारने और पुनर्जीवित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
- इसे एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग भी उठ रही है, ताकि यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से समृद्ध हो सके।
- पंचायत से भी इस दिशा में पहल करने की अपील की जा रही है, ताकि तालाब की स्वच्छता और सुंदरता बहाल हो सके।
सरकार से आशा
लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस दिशा में ठोस कार्य योजना बनाएगा और आघार तालाब को उसकी पुरानी गरिमा वापस दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।
