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कर्तव्य पथ पर राष्ट्रपति मुर्मु ने फहराया तिरंगा, 21 तोपों ने दी सलामी

“राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कर्तव्य पथ पर तिरंगा फहराया। 21 तोपों की सलामी के बाद परेड शुरू हुई”

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कर्तव्य पथ पर तिरंगा फहराया। 21 तोपों की सलामी के बाद परेड शुरू हुई। इंडोनेशिया के जवान भी की की गई परेड में शामिल हुए। उनके साथ इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी थे जो इस वर्ष के समारोह के मुख्य अतिथि हैं। परंपरा के मुताबिक दोनों राष्ट्रपतिओं को भारतीय सेना की सबसे वरिष्ठ रेजिमेंट, ‘राष्ट्रपति के अंगरक्ष’ द्वारा कर्तव्य पथ तक ले जाया गया। 40 वर्षों से बंद परंपरा को पुनर्जीवित करते हुए वे ‘पारंपरािक बग्गी’ में सवार होकर समारोह में पहुंचे।

उनके आगमन पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने उपराष्टि जगदीप धनखड़ और उनकी पत्नी सुदेश धनखड़ का भी कर्तव्य पथ पर स्वागत किया। राष्ट्रगान के बीच राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया जिसके बाद स्वदेशी 105-एमएम लाइट फील्ड गन का उपयोग करके 21 तोपों की सलामी दी गई।

इस वर्ष के गणतंत्र दिवस समारोह में संविधान के लागू होने के 75 वर्ष पूरे होने पर ध्यान केंद्रित किया गया और “जन भागीदारी” पर जोर दिया गया। इस उत्सव में भारत की सांस्कृतिक विविधता, एकता, समानता, विकास और सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया गया। सांस्कृतिक मंत्रालय के 300 कलाकारों के साथ वाद्य यंत्र बजाते हुए परेड निकली। कलाकारों द्वारा शहनाई, नादस्वरम, मशक बीन, बांसुरी, शंख और ढोल जैसे पारंपराांत्मक संगीत संगीत है।

समारोह में वैश्विक स्पर्श जोड़ते हुए 152 सदस्यों वाली इंडोनेशियाई राष्ट्रीय सशस्त्र बलों की मार्चिंग टुकड़ी और 190 सदस्यों वाली इंडोनेशिया की सैन्य अकाड़ेमी का सैन्य बैंड भी परेड में शामिल हुआ।

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