राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अनुसूचित जनजाति की महिला प्रतिनिधियों से बातचीत की
“राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में पंचायती राज की आदिवासी महिला प्रतिनिधियों से की मुलाकात“
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में पंचायती राज संस्थाओं की अनुसूचित जनजाति की महिला प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात की। इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना और उनके अनुभवों को साझा करना था।
महिलाओं की भूमिका पर जोर
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से न केवल ग्रामीण विकास को गति मिलेगी, बल्कि समाज में महिलाओं की स्थिति भी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदायों की महिलाओं का नेतृत्व लोकतांत्रिक व्यवस्था को नई दिशा दे सकता है।
ग्रामीण विकास में महिलाओं का योगदान
राष्ट्रपति मुर्मू ने महिला प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि वे ग्रामीण इलाकों में अपनी नेतृत्व क्षमता के जरिए महत्वपूर्ण बदलाव ला रही हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी से शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर बेहतर नतीजे सामने आ रहे हैं।
प्रतिनिधियों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों से आई आदिवासी महिला प्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्र में किए गए कार्यों और अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि किस तरह पंचायती राज संस्थाओं में शामिल होकर उन्होंने अपने गांवों के विकास में योगदान दिया और महिलाओं के अधिकारों के लिए आवाज उठाई।
राष्ट्रपति का महिलाओं को प्रोत्साहन
राष्ट्रपति मुर्मू ने सभी महिला प्रतिनिधियों को आगे भी इसी तरह समाज के विकास में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर महिलाओं का सशक्तिकरण देश को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह मुलाकात आदिवासी महिलाओं के लिए न केवल एक प्रेरणा स्रोत बनी, बल्कि पंचायती राज व्यवस्था में उनकी भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास भी साबित हुई।
