सीहोर – चाइनीज मांझा, धातु एवं कांच से निर्मित डोर पर लगाया प्रतिबंध
“मकर संक्रांति पर कलेक्टर ने चाइनीज मांझा और कांच वाली डोर के उपयोग पर लगाया प्रतिबंध“
जिले में मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित होने वाले पतंग महोत्सव को सुरक्षित बनाने के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी प्रवीण सिंह ने चाइनीज मांझा, धातु और कांच से बनी डोर के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश पक्षियों, आम नागरिकों और विशेष रूप से बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है।
जनहित में उठाया गया कदम
कलेक्टर ने आदेश में कहा कि चाइनीज मांझा और कांचयुक्त डोर से पतंग उड़ाने के दौरान दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। यह डोर बेहद खतरनाक होती है, जो न केवल पक्षियों को नुकसान पहुंचाती है बल्कि लोगों को भी घायल कर सकती है। कई मामलों में ऐसी डोर से गंभीर चोटें आई हैं, जिससे जनसुरक्षा को खतरा पैदा हुआ है। इसे रोकने के लिए यह प्रतिबंध लगाया गया है।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत प्रतिबंध
यह प्रतिबंध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के अंतर्गत लगाया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह नियम 31 जनवरी 2025 तक लागू रहेगा। यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय प्रशासन का कड़ा रुख
जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल पतंगबाजी को बढ़ावा दें। प्रशासन ने दुकानदारों को भी निर्देश दिया है कि वे प्रतिबंधित डोर की बिक्री न करें। साथ ही, पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी करेंगी, ताकि आदेश का पालन सुनिश्चित हो सके।
सुरक्षित पतंगबाजी के लिए जागरूकता अभियान
प्रशासन ने पतंगबाजी के दौरान सावधानी बरतने और पक्षियों की सुरक्षा के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाने की योजना बनाई है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे मकर संक्रांति जैसे त्योहार को सुरक्षित और खुशहाल तरीके से मनाएं।
यह आदेश न केवल जनहित में एक सकारात्मक पहल है, बल्कि पक्षियों और अन्य जीवों की सुरक्षा के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रशासन का यह प्रयास त्योहार को सभी के लिए सुरक्षित और आनंददायक बनाए रखने का उद्देश्य रखता है।
