उत्तराखंड: उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के 9वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल गुरमीत सिंह ने छात्रों को दी उपाधियां
“‘हल्द्वानी: उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय का 9वां दीक्षांत समारोह संपन्न, राज्यपाल ने प्रदान की उपाधियां‘”
हल्द्वानी में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय का 9वां दीक्षांत समारोह आज आयोजित किया गया। समारोह में राज्यपाल गुरमीत सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और कई छात्रों को स्वर्ण पदक और पीएचडी की उपाधियां प्रदान कीं। इस दौरान राज्यपाल ने 20 शिक्षार्थियों को विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक, 2 शिक्षार्थियों को कुलाधिपति स्वर्ण पदक, और 13 छात्रों को पीएचडी की उपाधि दी। इसके अलावा तीन प्रायोजित स्वर्ण पदक भी प्रदान किए गए।
समारोह में विश्वविद्यालय के वर्ष 2023-24 शैक्षणिक सत्र के 17,088 शिक्षार्थियों को स्नातक और स्नातकोत्तर की उपाधियां प्रदान की गईं। राज्यपाल ने डिजीलॉकर के माध्यम से इन उपाधियों का डिजिटल शुभारंभ भी किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने “उड़ान” पुस्तक का विमोचन किया और विश्वविद्यालय की सराहना करते हुए कहा कि यह दीक्षांत समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह ज्ञान, परिश्रम और उपलब्धियों का उत्सव है। उन्होंने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह एक नई शुरुआत का प्रतीक है, जो छात्रों को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करता है।
राज्यपाल ने इस बात पर खुशी जताई कि उपाधि प्राप्त करने वालों में छात्राओं की संख्या अधिक है। उन्होंने कहा कि यह “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान की सफलता का प्रमाण है। इसके साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय की उस पहल की भी सराहना की, जिसमें दिव्यांगजनों के लिए विशेष कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। राज्यपाल ने बताया कि विश्वविद्यालय दिव्यांग छात्रों की शिक्षा के लिए शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है।
दीक्षांत समारोह में उच्च शिक्षा सचिव रंजीत सिन्हा भी उपस्थित रहे। इस दौरान उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राएं काफी उत्साहित नजर आए।
छात्रा ऋषिका ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि यह उनके लिए एक गर्व का क्षण है। वहीं, आशा मेनन ने कहा कि विश्वविद्यालय ने उन्हें बेहतर शिक्षा के साथ नई दिशा प्रदान की है।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में सभी छात्रों को मेहनत और लगन से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और कहा कि शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाना हर छात्र का कर्तव्य है।
