भारत-अमेरिका की साझेदारी और मजबूत होगी: विदेश मंत्रालय
“भारत-अमेरिका के आर्थिक-तकनीकी रिश्तों पर विदेश मंत्रालय का बयान”
दिल्ली में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती आर्थिक और तकनीकी साझेदारी पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध समय के साथ और अधिक मजबूत होते जा रहे हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
प्रवक्ता जायसवाल ने कहा, “भारत और अमेरिका के बीच के रिश्ते केवल व्यापार और तकनीकी आदान-प्रदान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह साझेदारी रणनीतिक और सांस्कृतिक स्तर पर भी गहराई से जुड़ी हुई है। दोनों देशों का उद्देश्य न केवल आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है, बल्कि वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए साथ मिलकर काम करना भी है।”
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि दोनों देशों के बीच नई तकनीकों, साइबर सुरक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। भारत और अमेरिका के बीच कई संयुक्त परियोजनाओं पर काम हो रहा है, जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को फायदा होगा।
जायसवाल ने बताया कि आने वाले दिनों में उच्चस्तरीय वार्ताएं और साझेदारी के नए समझौते किए जाएंगे, जो दोनों देशों के संबंधों को और अधिक मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी वैश्विक स्थिरता और प्रगति के लिए भी महत्वपूर्ण है।
प्रेसवार्ता में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका के बीच आपसी विश्वास और सहयोग का स्तर अभूतपूर्व है। “दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों को साझा करते हैं और यही वजह है कि हमारी साझेदारी हर क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रही है,” जायसवाल ने कहा।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत अपनी तकनीकी क्षमताओं को और बेहतर बनाकर वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, अमेरिका के साथ सहयोग इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो रहा है।
