प्रधानमंत्री मोदी का प्रवासी भारतीयों से संवाद: “यहां आने में 4 घंटे लगते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री को आने में लगे 4 दशक
“यहां आने में 4 घंटे लगते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री को आने में लगे 4 दशक” – पीएम मोदी का कुवैत में प्रवासी भारतीयों से संवाद“
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुवैत की दो दिवसीय यात्रा के दौरान शेख साद अल अब्दुल्ला स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में ‘हला मोदी’ कार्यक्रम में भारतीय प्रवासियों को संबोधित किया। इस यात्रा के साथ पीएम मोदी 43 वर्षों में कुवैत का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए हैं।
प्रवासी भारतीयों की सराहना
पीएम मोदी ने कहा, “यह मेरे लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। भारत और कुवैत के बीच यात्रा करने में केवल चार घंटे लगते हैं, लेकिन कुवैत आने में किसी प्रधानमंत्री को 43 साल लग गए। मैं यहां केवल आपसे मिलने नहीं, बल्कि आपकी उपलब्धियों का जश्न मनाने आया हूं। आपने कुवैत में भारत के टैलेंट, टेक्नोलॉजी और ट्रेडिशन का मिश्रण पेश किया है।”
भारतीय समुदाय का योगदान
कुवैत में 9 लाख से अधिक भारतीय प्रवासी कार्यबल का हिस्सा हैं, जो देश के कुल कार्यबल का 30 प्रतिशत हैं। भारतीय प्रवासी कुवैत की कुल आबादी का लगभग 21 प्रतिशत (1 मिलियन) हैं।
भारत-कुवैत व्यापारिक संबंध
- वित्तीय वर्ष 2023-24 में भारत और कुवैत के बीच द्विपक्षीय व्यापार 10.47 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया।
- कुवैत भारत का छठा सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता है, जो भारत की 3 प्रतिशत ऊर्जा जरूरतों को पूरा करता है।
- कुवैत को भारतीय निर्यात पहली बार 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचा।
- भारत में कुवैत निवेश प्राधिकरण का निवेश 10 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया।
ऐतिहासिक संबंध
भारत और कुवैत के बीच गहरे आर्थिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। 1961 तक भारतीय रुपया कुवैत में वैध मुद्रा थी, जो दोनों देशों के लंबे व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है। औपचारिक राजनयिक संबंध 1961 में स्थापित हुए।
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा ने दोनों देशों के बीच मजबूत साझेदारी और भारतीय प्रवासियों के योगदान को सम्मानित किया, जो कुवैत और भारत के संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकेत है।
