आंबेडकर और आरक्षण पर कांग्रेस का रुख, अमित शाह का प्रेस कॉन्फ्रेंस में बयान
“अमित शाह का कांग्रेस पर हमला: संविधान और आंबेडकर विरोधी रुख का लगाया आरोप”
अमित शाह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि संसद के दोनों सदनों में संविधान को स्वीकार किए जाने के 75 साल पूरे होने पर एक गौरवशाली चर्चा का आयोजन हुआ। इस चर्चा में संविधान की रचना, संविधान निर्माताओं के योगदान और संविधान में निहित आदर्शों के साथ-साथ देश की 75 वर्षों की विकास यात्रा और उपलब्धियों पर भी बात होनी थी।
अमित शाह ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष ने तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया, जो अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने फैक्ट्स और उदाहरणों के साथ यह उजागर किया कि कांग्रेस ने हमेशा संविधान के मूल्यों की अनदेखी की।
अमित शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस:
- आंबेडकर विरोधी है और बाबा साहब को उचित सम्मान नहीं दिया।
- आरक्षण विरोधी है।
- संविधान विरोधी है, जिसका उदाहरण आपातकाल के दौरान देखा गया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान नारी सम्मान की अनदेखी, न्यायपालिका के अपमान और सेना के शहीदों की अवमानना जैसे कई मामले सामने आए। कांग्रेस ने संवैधानिक मर्यादाओं को तोड़ते हुए विदेशों को भारत की भूमि तक सौंपने की हिमाकत की।
अमित शाह ने कहा कि बाबा साहब के न रहने के बाद भी कांग्रेस ने उन्हें कभी सम्मान नहीं दिया। उन्होंने यह भी कहा कि पंडित नेहरू ने खुद को भारत रत्न दिया, लेकिन बाबा साहब को भारत रत्न से सम्मानित नहीं किया।
उन्होंने कांग्रेस पर समाज में अशांति फैलाने और सत्य को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया।
