प्रवासी भारतीयों की रगों में बसती है भारतीयता: पीएम मोदी
“प्रवासी भारतीयों की भूमिका पर प्रकाश“
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में प्रवासी भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति और मूल्यों की गहराई प्रवासी भारतीयों के जीवन में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भले ही प्रवासी भारतीय दुनिया के किसी भी कोने में क्यों न बसे हों, उनकी रगों में भारतीयता हमेशा जीवंत रहती है।
पीएम मोदी ने प्रवासी भारतीयों को भारत और दुनिया के बीच “सांस्कृतिक सेतु” कहा। उन्होंने उनकी उपलब्धियों और योगदान की सराहना करते हुए कहा:
- “आप जहां भी हैं, आपने न केवल भारतीय संस्कृति को जीवित रखा है बल्कि उसे समृद्ध किया है।”
- प्रवासी भारतीयों को भारत की “सॉफ्ट पावर” बताते हुए, उन्होंने कहा कि ये लोग वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिष्ठा को बढ़ा रहे हैं।
भारत से अटूट जुड़ाव
प्रधानमंत्री ने बताया कि प्रवासी भारतीयों के लिए भारत केवल एक देश नहीं, बल्कि भावना और पहचान है।
- भारतीय त्योहारों, परंपराओं, और भाषा का पालन दुनिया भर में प्रवासी भारतीयों के बीच स्पष्ट रूप से दिखता है।
- उन्होंने प्रवासी भारतीयों को “भारत का ब्रांड एंबेसडर” बताया।
सरकार की पहल
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रवासी भारतीयों के लिए सरकार की योजनाओं और पहल पर भी प्रकाश डाला:
- वीजा प्रक्रिया में सुधार और प्रवासी भारतीयों के लिए विशेष सहायता सेवाओं की शुरुआत।
- “प्रवासी भारतीय दिवस” जैसे आयोजनों के जरिए प्रवासी समुदाय को भारतीय विकास यात्रा से जोड़ने का प्रयास।
प्रधानमंत्री का संदेश
पीएम मोदी ने अपने संबोधन को यह कहते हुए समाप्त किया:
“भारत के प्रति आपका अटूट प्रेम और निष्ठा प्रेरणादायक है। आप जहां भी जाएं, भारतीयता का यह दीप जलाते रहें और भारत को गौरवान्वित करते रहें।”
प्रधानमंत्री का यह संदेश प्रवासी भारतीयों के प्रति गर्व और सम्मान को दर्शाता है और उनके भारत के साथ गहरे जुड़ाव की पुष्टि करता है।
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