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जम्मू-कश्मीर में नई सरकार बनने के बाद चरमपंथी घटनाओं में बढ़ोतरी, किश्तवाड़ और श्रीनगर में हालिया हमले

“10 नवंबर को किश्तवाड़ में चरमपंथियों और भारतीय सेना के बीच मुठभेड़, सेना का अधिकारी शहीद, तीन जवान घायल”

10 नवंबर, 2024 को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में भारतीय सेना और चरमपंथियों के बीच एक भीषण मुठभेड़ हुई, जिसमें सेना के एक अधिकारी शहीद हो गए और तीन जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। यह मुठभेड़ सोमवार की सुबह उस समय शुरू हुई जब सेना ने क्षेत्र में आतंकवादियों के छिपे होने की खुफिया सूचना पर एक तलाशी अभियान चलाया।

मुठभेड़ और नुकसान

मुठभेड़ के दौरान, आतंकवादियों ने सेना के काफिले पर गोलियां चलाना शुरू कर दीं, जिससे एक सैन्य अधिकारी शहीद हो गए और तीन जवान घायल हुए। घायलों को तुरंत नजदीकी सैन्य अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया। सुरक्षा बलों की तरफ से जवाबी कार्रवाई में आतंकवादी भी मारे गए हैं, हालांकि उनकी संख्या और पहचान अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।

तलाशी अभियान जारी

इस मुठभेड़ के बाद, किश्तवाड़ इलाके में सुरक्षा बलों द्वारा बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया गया है। सेना और पुलिस मिलकर क्षेत्र में आतंकवादियों को ढूंढने के लिए सघन जांच कर रहे हैं। सोमवार से शुरू हुआ यह अभियान आतंकवादियों के ठिकानों को भांपने और उन्हें पकड़ने के लिए लगातार जारी है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी को लेकर खुफिया जानकारी मिल रही है, और सेना के वरिष्ठ अधिकारी इसे जल्द से जल्द खत्म करने के लिए अतिरिक्त बल भेजने की तैयारी कर रहे हैं।

वीडीजी से जुड़े दो लोगों की हत्या

यह मुठभेड़ उस वक्त हुई जब कुछ दिन पहले ही किश्तवाड़ जिले के एक गांव में चरमपंथियों ने दो लोगों की हत्या कर दी थी। यह दोनों लोग “विलेज डिफेंस गार्ड्स” (वीडीजी) से जुड़े थे, जो कि स्थानीय स्वयंसेवक समूह हैं और कश्मीर में सुरक्षा बलों का सहयोग करते हैं। इन हत्याओं के बाद से स्थानीय समुदाय में डर और असुरक्षा की भावना बढ़ गई है, और अब सेना की मुठभेड़ ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

किश्तवाड़ की सुरक्षा स्थिति

किश्तवाड़, जो जम्मू-कश्मीर के दक्षिणी हिस्से में स्थित है, पिछले कुछ समय से आतंकवादी गतिविधियों का केंद्र बन गया है। यहां पर आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ों और हमलों की संख्या बढ़ी है। स्थानीय सुरक्षा बलों के लिए यह चुनौती है कि वे ऐसे उग्रवादी तत्वों को नियंत्रित करें, जो पूरे क्षेत्र में अस्थिरता पैदा कर रहे हैं।

सुरक्षा बलों की कार्रवाई और प्रतिक्रिया

इस मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की योजना बनाई है। भारतीय सेना और पुलिस की संयुक्त टीम इलाके में छिपे हुए आतंकवादियों को पकड़ने के लिए जमीनी स्तर पर अभियान चला रही है। इसके साथ ही, सुरक्षा बलों ने आम नागरिकों से आग्रह किया है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें।

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