श्रीलंका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए हो रहा मतदान, त्रिकोणीय मुकाबले की जताई जा रही है उम्मीद
श्रीलंका में आज राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान हो रहा है, जहां त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना जताई जा रही है। यह चुनाव श्रीलंका के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि देश हाल ही में आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा है।
चुनाव का महत्व
श्रीलंका पिछले कुछ समय से गहरे आर्थिक संकट में है, जिससे देश की जनता त्रस्त है। मुद्रास्फीति, बेरोजगारी और खाद्य वस्तुओं की कमी के बीच यह चुनाव जनता के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है। श्रीलंका की राजनीतिक स्थिति में स्थिरता लाने के लिए यह चुनाव अहम माना जा रहा है, खासकर इसलिए क्योंकि देश दिवालिया हो चुका है और अब वह वैश्विक मंच पर अपनी छवि को सुधारने की कोशिश में है।
त्रिकोणीय मुकाबला
चुनाव में तीन प्रमुख उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला होने की संभावना है:
- सज्जीत प्रेमदासा: विपक्ष के उम्मीदवार और समागी जना बालवेगया पार्टी के नेता। उन्हें व्यापक रूप से जनता का समर्थन प्राप्त है, खासकर उन लोगों का जो वर्तमान सरकार से नाखुश हैं।
- गोटबाया राजपक्षे: पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के भाई, जिन्होंने पहले भी सत्ता संभाली है। उनके समर्थकों का कहना है कि उन्होंने देश में शांति और सुरक्षा स्थापित की है, लेकिन उनकी आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
- अनुरा कुमारा दिसानायके: जनतावादी नेता, जो पारंपरिक राजनीति से हटकर बदलाव की बात करते हैं। युवा वर्ग में उनकी लोकप्रियता बढ़ रही है और वह एक मजबूत विकल्प के रूप में उभर रहे हैं।
चुनाव के मुख्य मुद्दे
- आर्थिक सुधार: श्रीलंका की अर्थव्यवस्था को वापस पटरी पर लाना इस चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा है।
- बेरोजगारी और महंगाई: बेरोजगारी और बढ़ती महंगाई ने जनता को काफी परेशान किया है। जनता को अब एक ऐसी सरकार की जरूरत है जो इन मुद्दों पर ध्यान दे सके।
- राजनीतिक स्थिरता: हाल के राजनीतिक संकटों और भ्रष्टाचार के आरोपों ने लोगों का भरोसा तोड़ा है। नए राष्ट्रपति से लोगों को उम्मीद है कि वह पारदर्शिता और स्थिरता ला सकेंगे।