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शतरंज ओलंपियाड की स्वर्ण पदक विजेता वंतिका अग्रवाल से खास चर्चा

भारत की महिला और पुरुष शतरंज टीमों ने 45वें शतरंज ओलंपियाड में स्वर्ण पदक जीतकर देश को गर्वित किया

भारत की महिला और पुरुष शतरंज टीमों ने 45वें शतरंज ओलंपियाड में स्वर्ण पदक जीते। वंतिका अग्रवाल ने व्यक्तिगत स्वर्ण पदक हासिल किया, उनका लक्ष्य ग्रैंड मास्टर बनना है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी माँ और कोच को दिया।

भारत की महिला और पुरुष शतरंज टीमों ने 45वें शतरंज ओलंपियाड में स्वर्ण पदक जीतकर देश को गर्वित किया है। इस प्रतियोगिता में वंतिका अग्रवाल ने व्यक्तिगत स्वर्ण पदक हासिल कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। वंतिका ने कहा कि उन्होंने तय किया था कि वह गोल्ड मेडल के बिना घर नहीं लौटेंग

वंतिका ने साढ़े सात साल की उम्र से शतरंज खेलना शुरू किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 2012 में गुजरात में मुलाकात की थी, जहां प्रधानमंत्री ने उनके हौसले को बढ़ाया। वंतिका का अगला लक्ष्य ग्रैंड मास्टर का टाइटल हासिल करना है।

वंतिका अग्रवाल ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी माँ और कोच को दिया, जिन्होंने हर टूर्नामेंट में उनका साथ दिया और उन पर पूरा भरोसा रखा।

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