वायु प्रदूषण दिल की बीमारियों के खतरे बढ़ा रहा है, हवा में मौजूद प्रदूषक तत्व दिल की लय-ताल बिगाड़ रहे हैं
“प्रदूषण के चलते दिल के मामले बढ़े हैं“
वर्ल्ड हेल्थ फेडरेशन की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक दशक में वायु प्रदूषण के कारण दिल की बीमारियों से होने वाली मौतों में लगभग 27 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है। यह आंकड़ा चिंता का विषय है, क्योंकि इससे यह स्पष्ट होता है कि वायु प्रदूषण का हृदय स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि हवा में घुलने वाले छोटे प्रदूषक कण (PM2.5) हृदय की लय को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे रक्त के थक्के जमने, धमनियों में प्लाक बनने, और रक्तचाप में वृद्धि जैसे गंभीर प्रभाव हो सकते हैं। ये बदलाव दिल के कार्य को बाधित करते हैं, जिससे दिल की बीमारियों, जैसे कि हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अन्य हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है।
इससे यह भी स्पष्ट होता है कि प्रदूषण केवल श्वसन तंत्र के लिए ही खतरे की घंटी नहीं है, बल्कि यह दिल की सेहत पर भी गंभीर असर डालता है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि दिल और श्वसन तंत्र दोनों को सुरक्षित रखा जा सके।
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