वन नेशन-वन इलेक्शन: मोदी सरकार को मायावती का समर्थन, विपक्षी दलों का विरोध जारी
नई दिल्ली: ‘एक देश-एक चुनाव’ (वन नेशन-वन इलेक्शन) का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। मोदी सरकार ने इस संबंध में बनी समिति के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद विपक्षी दल इस मुद्दे पर सरकार पर हमलावर हो गए हैं।
मायावती का समर्थन
हालांकि, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने इस मामले में मोदी सरकार का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि ‘एक देश-एक चुनाव’ प्रणाली देश की राजनीतिक स्थिरता को बढ़ा सकती है और चुनावी खर्च में कमी ला सकती है। मायावती का यह बयान विपक्षी दलों के साथ-साथ राजनीतिक विश्लेषकों के लिए चौंकाने वाला है, क्योंकि अधिकांश विपक्षी दल इस प्रस्ताव के खिलाफ हैं।
विपक्षी दलों का विरोध
विपक्षी दलों ने ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ के प्रस्ताव को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है। उनका कहना है कि इससे केंद्र की सत्ता का अधिक केंद्रीकरण होगा और राज्यों की स्वायत्तता कम होगी। इसके अलावा, विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए इस कदम को एक राजनीतिक चाल मानते हैं।
प्रस्तावों की प्रमुख बातें
सरकार द्वारा मंजूर किए गए प्रस्तावों में सभी चुनावों को एक साथ कराने की प्रक्रिया, चुनावी व्यय में कमी और चुनावी आयोग की शक्तियों को बढ़ाने जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं। सरकार का दावा है कि इससे चुनावी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
