पाकिस्तानी पीएम की स्पीच एक मजाक: भारत ने यूएन में शहबाज शरीफ को फटकार लगाई, मुंबई हमले और बांग्लादेश नरसंहार की दिलाई याद
संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के मंच से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा भारत पर लगाए गए आरोपों पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने यूएन में कश्मीर मुद्दा उठाते हुए भारत पर मानवाधिकारों के उल्लंघन और आक्रामकता के आरोप लगाए थे। शरीफ ने अपने भाषण में कश्मीर में भारतीय कार्रवाई और मुसलमानों के कथित उत्पीड़न का जिक्र किया था। हालांकि, भारत ने शरीफ के इस बयान को “झूठ और निराधार” करार देते हुए पाकिस्तान को उसके आतंकवादी गतिविधियों और मानवाधिकार हनन के मामलों पर याद दिलाया।
भारत की प्रतिक्रिया
भारत ने पाकिस्तान को न केवल उसके आरोपों पर करारा जवाब दिया, बल्कि उसे इतिहास में किए गए अपने कृत्यों को याद दिलाने की भी कोशिश की। भारत की ओर से संयुक्त राष्ट्र में स्थायी मिशन की प्रथम सचिव, मेजर हितेश चंद्रा ने पाकिस्तान के भाषण को “मजाक” और “पाखंड” बताया।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को मानवाधिकारों की बात करने का कोई अधिकार नहीं है, जब वह खुद आतंकवाद का समर्थन करता है और अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार करता है। भारत ने 2008 के मुंबई हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान के आतंकवादियों ने निहत्थे भारतीय नागरिकों को निशाना बनाया और उस हमले में 166 निर्दोष लोग मारे गए थे।
बांग्लादेश नरसंहार की याद दिलाई
इसके अलावा, भारत ने 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान हुए नरसंहार का मुद्दा उठाया, जहां पाकिस्तानी सेना ने बांग्लादेश में लाखों लोगों की हत्या की थी। भारत ने इसे पाकिस्तान के इतिहास का एक काला अध्याय बताया और कहा कि ऐसे देश को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।
पाकिस्तान के आरोपों की सच्चाई
भारत ने पाकिस्तान के उन आरोपों का भी जवाब दिया जिसमें उसने कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन की बात कही थी। भारत ने स्पष्ट किया कि जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और वहां की स्थिति को लेकर पाकिस्तान के आरोप पूरी तरह से आधारहीन हैं।
भारत ने कहा कि पाकिस्तान न केवल आतंकवाद का प्रायोजक है बल्कि उसकी नीति भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने की रही है। भारत ने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान को आतंकवाद को समर्थन देना बंद करना चाहिए और अपनी सीमाओं में हो रहे अत्याचारों पर ध्यान देना चाहिए, खासकर वहां के अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों पर।
पाकिस्तान की स्थिति
पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति को लेकर भी भारत ने निशाना साधा और कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों के साथ हो रहा बुरा व्यवहार दुनिया के सामने है। वहां धार्मिक स्वतंत्रता का हनन और अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमले आम हो गए हैं।
अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत की स्थिति
भारत ने अपने जवाब में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को यह संदेश देने की कोशिश की कि पाकिस्तान, जो खुद आतंकवाद का केंद्र है, उसे मानवाधिकारों की बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। भारत ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को दुनिया के सामने जवाब देना होगा।
संयुक्त राष्ट्र जैसे वैश्विक मंच पर भारत ने एक बार फिर साबित किया कि वह आतंकवाद के खिलाफ खड़ा है और पाकिस्तान की नीतियों को विश्व समुदाय के सामने उजागर करता रहेगा।
