देश भर में 15 दिवसीय जल उत्सव आज से शुरू
“नीति आयोग का 15 दिवसीय ‘जल उत्सव’: जल प्रबंधन और संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल“
नीति आयोग, जल प्रबंधन, संरक्षण और सतत विकास के महत्व को समझते हुए, आज से 15 दिवसीय ‘जल उत्सव’ की शुरुआत करने जा रहा है। यह अभियान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिन्होंने दिसंबर 2023 में आयोजित तीसरे मुख्य सचिवों के सम्मेलन में ‘नदी उत्सव’ के आधार पर ‘जल उत्सव’ का विचार प्रस्तुत किया था।
इस जल उत्सव का उद्देश्य जल संसाधनों के महत्व को जन-जन तक पहुँचाना और जल प्रबंधन तथा संरक्षण की दिशा में संवेदनशीलता पैदा करना है। जल हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है, और इसके संरक्षण की आवश्यकता दिनों-दिन बढ़ती जा रही है, खासकर जलवायु परिवर्तन और बढ़ती जनसंख्या के कारण। इस अभियान के तहत नीति आयोग विभिन्न शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जल की महत्ता, इसके संरक्षण और सतत उपयोग के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करेगा।
जल उत्सव के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों, कार्यशालाओं, सेमिनारों और शैक्षिक पहलुओं के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि जल केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि यह हमारे जीवन की धारा है, जिसे बचाना और संजीवनी बनाना हमारी जिम्मेदारी है। यह उत्सव स्कूलों, कॉलेजों, सामुदायिक संगठनों और नागरिकों को जोड़कर जल संरक्षण के प्रति उनका दायित्व और जागरूकता बढ़ाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी के ‘नदी उत्सव’ से प्रेरित इस ‘जल उत्सव’ का मकसद जल के प्रति हमारी जागरूकता को एक नई दिशा देना और एक संगठित, सतत प्रयास के तहत जल को बचाने की दिशा में सकारात्मक बदलाव लाना है। जल, एक प्राकृतिक संसाधन के रूप में हमारे जीवन का अहम हिस्सा है, और इस उत्सव के जरिए नीति आयोग का उद्देश्य समाज के हर हिस्से को जल के संरक्षण के लिए जिम्मेदार बनाना है।
यह अभियान न केवल जल के संरक्षण के लिए एक जनआंदोलन को जन्म देगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
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