दुनिया पर छोड़ी छाप… Ratan Tata के निधन पर क्या कह रही पाकिस्तान, अमेरिका और ब्रिटेन की मीडिया
रतन टाटा के निधन पर दुनिया भर की मीडिया का ध्यान आकर्षित होना कोई आश्चर्य की बात नहीं है, क्योंकि वह एक ऐसे उद्योगपति और नेता थे जिन्होंने न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी अमिट छाप छोड़ी। उनके योगदान और नेतृत्व की चर्चा अमेरिका, ब्रिटेन, और पाकिस्तान जैसे देशों की मीडिया में भी प्रमुखता से की जा रही है।
अमेरिका:
अमेरिकी मीडिया ने रतन टाटा को एक “दिग्गज उद्योगपति” के रूप में याद किया, जिन्होंने वैश्विक व्यापार जगत में भारतीय उपस्थिति को मजबूत किया। द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने उनके नेतृत्व में टाटा समूह की अंतरराष्ट्रीय कंपनियों जैसे Jaguar Land Rover और Corus Steel के अधिग्रहण की प्रशंसा की। टाटा की वैश्विक दृष्टि और सामाजिक उद्यमिता पर भी जोर दिया गया, विशेषकर उनकी परोपकारी गतिविधियों पर। CNN और Bloomberg ने भी उनके नेतृत्व में टाटा समूह के विविधीकरण और वैश्विक विस्तार पर लेख प्रकाशित किए। अमेरिकी मीडिया में यह भी कहा जा रहा है कि टाटा ने वैश्विक स्तर पर भारतीय उद्योगों की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
ब्रिटेन:
ब्रिटेन की मीडिया ने रतन टाटा को ब्रिटिश अर्थव्यवस्था में योगदान के लिए विशेष रूप से सराहा, खासकर जब उन्होंने Jaguar Land Rover को संकट से उबारा और इसे एक लाभदायक कंपनी में बदल दिया। BBC और The Guardian ने उनके नेतृत्व कौशल और वैश्विक व्यावसायिक समझ की तारीफ की। The Financial Times ने उनके विजन और नैतिक मूल्यों पर आधारित नेतृत्व को भारतीय उद्योग जगत में एक प्रेरणा बताया। ब्रिटिश मीडिया में उनके निधन को एक युग का अंत कहा जा रहा है, खासकर उनके द्वारा दिखाए गए वैश्विक व्यापारिक मूल्यों की वजह से।
पाकिस्तान:
पाकिस्तानी मीडिया में रतन टाटा को “उद्योग और परोपकार का प्रतीक” बताया गया। डॉन और जंग जैसे प्रमुख अखबारों ने रतन टाटा के नेतृत्व और उनके द्वारा स्थापित परोपकारी कार्यों पर जोर दिया। पाकिस्तानी मीडिया में उनकी धर्मनिरपेक्ष छवि और सामुदायिक सेवा की भावना की सराहना की गई। साथ ही, उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार और संवाद को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों को भी महत्वपूर्ण बताया। पाकिस्तानी मीडिया ने उनके निधन को भारतीय उद्योग जगत के लिए एक बड़ी क्षति के रूप में प्रस्तुत किया।