दावा: ट्रंप ने कोरोना महामारी के दौरान पुतिन को भेजी थी टेस्टिंग किट, रूसी राष्ट्रपति ने कहा था- इसे सीक्रेट रखें, नहीं तो लोग नाराज होंगे
कोरोना महामारी के शुरुआती दौर में एक बड़ा खुलासा सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को कोविड-19 टेस्टिंग किट भेजी थीं। दावा किया जा रहा है कि इस सहयोग को गोपनीय रखने के लिए पुतिन ने ट्रंप से कहा था, क्योंकि अगर यह बात सार्वजनिक होती, तो जनता और दुनिया भर के लोग नाराज हो सकते थे।
ट्रंप और पुतिन के बीच सहयोग
कोरोना महामारी के दौरान वैश्विक संकट के समय कई देशों ने एक-दूसरे की मदद की थी। लेकिन ट्रंप और पुतिन के बीच यह विशेष सहयोग तब तक गुप्त रहा, जब तक कि हालिया रिपोर्टों में यह खुलासा नहीं हुआ। दावा है कि जब कोविड-19 महामारी ने रूस को प्रभावित करना शुरू किया, तो टेस्टिंग किट्स की कमी के चलते पुतिन ने ट्रंप से मदद मांगी। इसके जवाब में, ट्रंप प्रशासन ने रूस को टेस्टिंग किट्स भेजीं।
पुतिन का गोपनीयता पर जोर
रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन ने ट्रंप से इस मदद को सार्वजनिक न करने की गुजारिश की थी। उन्होंने कहा था, “अगर यह खबर लोगों तक पहुंची, तो जनता और अन्य देश इससे नाराज हो सकते हैं। यह बेहतर है कि इसे सीक्रेट रखा जाए।” पुतिन ने अपनी चिंताओं को इस बात पर आधारित किया था कि महामारी के दौरान वैश्विक राजनीति में यह कदम आलोचनाओं को जन्म दे सकता है।
ट्रंप का रुख
इस मुद्दे पर ट्रंप की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन ट्रंप और पुतिन के बीच के रिश्ते हमेशा चर्चा का विषय रहे हैं। दोनों नेताओं के बीच कई मौकों पर गर्मजोशी भरे संबंध देखे गए थे, जो अक्सर विवादों को जन्म देते थे। यह नया खुलासा उन आरोपों को और बढ़ावा दे सकता है कि ट्रंप ने अपने कार्यकाल में रूस के साथ विशेष संबंध बनाए रखे।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इस खबर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। कोरोना महामारी के समय जब कई देश एक-दूसरे की मदद कर रहे थे, इस तरह के गुप्त सहयोग के सामने आने से कई सवाल खड़े होते हैं। खासकर, ऐसे समय में जब अमेरिका और रूस के बीच संबंध तनावपूर्ण बने हुए थे, यह खुलासा और भी चौंकाने वाला है।
क्या था वास्तविक उद्देश्य?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस सहयोग का उद्देश्य मानवीय सहायता हो सकता है, लेकिन इसे गुप्त रखना राजनीतिक जटिलताओं को दर्शाता है। अमेरिका और रूस के बीच कूटनीतिक संबंध हमेशा से संवेदनशील रहे हैं, और ऐसे में यह खबर दोनों देशों के बीच के संबंधों को नए सिरे से परिभाषित कर सकती है।