दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड मिलने पर भावुक हुए मिथुन: कहा- लोग कहते थे, इंडस्ट्री में ये काला रंग नहीं चलेगा, भगवान से पूछता था मेरा रंग नहीं बदल सकता?
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने हाल ही में दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड प्राप्त किया, जिसके बाद वह भावुक हो गए। इस अवॉर्ड को पाकर मिथुन ने अपने करियर की शुरुआत के दिनों को याद किया, जब उन्हें अपने रंग के कारण कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
संघर्ष भरा सफर
मिथुन ने कहा, “लोग अक्सर कहते थे कि इस इंडस्ट्री में मेरा ‘काला रंग’ नहीं चलेगा। इस पर मैं भगवान से पूछता था, ‘क्या मैं अपना रंग बदल सकता हूँ?’। मेरे लिए यह एक बड़ा संघर्ष था, लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी।” मिथुन ने अपने करियर में कई हिट फिल्में दी हैं और उनकी पहचान एक अद्भुत अभिनेता के रूप में बनी है।
दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड का महत्व
दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड भारतीय सिनेमा में सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक है। इसे प्राप्त करना किसी भी अभिनेता के लिए गर्व की बात होती है। मिथुन ने इस अवॉर्ड को पाकर न केवल अपनी मेहनत को सराहा, बल्कि अपने संघर्ष को भी याद किया।
प्रेरणा का स्रोत
मिथुन ने इस मौके पर युवा कलाकारों को प्रेरित करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, “हर किसी को अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। अगर आप मेहनत करेंगे और अपने सपनों पर विश्वास रखेंगे, तो आप सफल होंगे।” उनके शब्दों ने सभी को यह सिखाया कि किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए आत्मविश्वास और मेहनत जरूरी है।
समर्पण और मेहनत
दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड मिलने पर मिथुन ने अपने परिवार, दोस्तों और उन सभी लोगों का धन्यवाद किया, जिन्होंने उनके करियर में उनका समर्थन किया। उन्होंने कहा, “यह पुरस्कार मेरे लिए सिर्फ एक सम्मान नहीं है, बल्कि यह उन सभी लोगों के लिए है जो मेरे साथ खड़े रहे हैं।”