जापानी जलक्षेत्र में पहली बार चीनी एयरक्राफ्ट कैरियर की घुसपैठ, दक्षिण चीन सागर में बढ़ा तनाव
टोक्यो: जापान और चीन के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है, जब पहली बार चीनी एयरक्राफ्ट कैरियर ने जापानी जलक्षेत्र में घुसपैठ की। इस घटना ने पूरे एशियाई क्षेत्र में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है, खासकर दक्षिण चीन सागर में पहले से ही चल रहे तनाव के बीच।
चीनी एयरक्राफ्ट कैरियर की गतिविधि
रिपोर्ट्स के अनुसार, चीनी एयरक्राफ्ट कैरियर “लियाओनिंग” ने जापानी जलक्षेत्र में प्रवेश किया, जिसे जापानी सुरक्षा बलों ने तुरंत नोटिस किया और उसके बाद जापानी नौसेना द्वारा उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखी गई। यह घटना पूर्वी चीन सागर के समीप घटी, जो जापान और चीन के बीच विवादित क्षेत्र है। यह पहली बार है जब चीनी एयरक्राफ्ट कैरियर ने जापान के इतना करीब जाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
दक्षिण चीन सागर में बढ़ते तनाव
दक्षिण चीन सागर पहले से ही एक विवादित क्षेत्र है, जहां कई देशों के बीच जलक्षेत्र को लेकर संघर्ष जारी है। चीन इस क्षेत्र पर अपना दावा जताता है, जबकि फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया और अन्य पड़ोसी देश इसे लेकर विरोध में हैं। चीन की ओर से किए गए आक्रामक कदमों और यहां बढ़ती सैन्य गतिविधियों के चलते इस क्षेत्र में तनाव बढ़ता जा रहा है।
जापान और अमेरिका के सहयोगी होने के चलते, जापानी जलक्षेत्र में चीनी एयरक्राफ्ट कैरियर की घुसपैठ ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। अमेरिका और जापान पहले ही इस क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता को लेकर कड़ा रुख अपना चुके हैं।
जापान की प्रतिक्रिया
जापान के रक्षा मंत्रालय ने चीनी एयरक्राफ्ट कैरियर की गतिविधियों की पुष्टि की और इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया। जापान ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह उसकी संप्रभुता के खिलाफ एक गंभीर चुनौती है। जापान ने चीन से तत्काल स्थिति को स्पष्ट करने की मांग की है और अपने जलक्षेत्र की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अपनी सेना को हाई अलर्ट पर रखा है।
वैश्विक प्रतिक्रिया
इस घटना ने वैश्विक स्तर पर भी हलचल मचा दी है। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है और इसे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए खतरनाक बताया है। अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर में अपनी नौसैनिक गतिविधियां बढ़ाने का संकेत दिया है, ताकि क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।