इजरायल-लेबनान टकराव: ‘महायुद्ध’ की तरफ बढ़ रहा तनाव, IDF ने कहां की भारी बमबारी?
इजरायल और लेबनान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता जा रहा है, और अब यह टकराव महायुद्ध की ओर बढ़ता दिख रहा है। इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने हाल के दिनों में लेबनान के विभिन्न इलाकों में भारी बमबारी की है, खासकर उन इलाकों में जहां हिज़बुल्लाह का प्रभाव है।
IDF की बमबारी और हिज़बुल्लाह के ठिकाने
इजरायली सेना ने लेबनान में हिज़बुल्लाह के ठिकानों पर जोरदार हमले किए। इजरायल का दावा है कि हिज़बुल्लाह लगातार इजरायल पर हमले करने की साजिश रच रहा था, और इजरायल ने पहले ही चेतावनी दी थी कि वे अपनी सुरक्षा के लिए कोई भी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।
बमबारी की मुख्य जगहों में हिज़बुल्लाह के मिलिट्री बेस और रॉकेट लॉन्चिंग साइट्स शामिल हैं। इजरायली एयरफोर्स ने इन ठिकानों को टारगेट कर बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक्स कीं, जिसमें हिज़बुल्लाह के कई लड़ाकों के मारे जाने की खबर है।
हिज़बुल्लाह की प्रतिक्रिया और लेबनान की स्थिति
हिज़बुल्लाह ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। हाल ही में, हिज़बुल्लाह ने इजरायल के हाइफा शहर पर रॉकेट हमले किए, जिसमें 10 लोग घायल हो गए। इसके अलावा, हिज़बुल्लाह के लड़ाके इजरायली सीमा के करीब पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे दोनों पक्षों के बीच सीधा संघर्ष बढ़ने का खतरा है।
लेबनान की सरकार इस स्थिति को लेकर चिंतित है, क्योंकि देश पहले से ही आंतरिक संघर्ष और आर्थिक संकट से जूझ रहा है। लेबनान के प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि इस टकराव को रोका जा सके।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता
अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस टकराव को लेकर काफी चिंतित है। संयुक्त राष्ट्र और कई पश्चिमी देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। खासकर अमेरिका और यूरोपीय देशों ने इजरायल और हिज़बुल्लाह के बीच बढ़ते तनाव को लेकर चिंता व्यक्त की है, क्योंकि इस टकराव का असर पूरे मध्य पूर्व पर पड़ सकता है।
क्या महायुद्ध की ओर बढ़ रहा है टकराव?
इजरायल और हिज़बुल्लाह के बीच का यह टकराव तेजी से बड़े युद्ध की ओर बढ़ता दिख रहा है। इजरायल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएगा, वहीं हिज़बुल्लाह भी पीछे हटने को तैयार नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति जल्द ही काबू में नहीं आती, तो यह टकराव महायुद्ध का रूप ले सकता है, जिसमें पूरे क्षेत्र को तबाही का सामना करना पड़ सकता है।