माता वैष्णो देवी सीट को सेफ करने में जुटी बीजेपी, बद्रीनाथ और अयोध्या जैसा न हो जाए हश्र?
जम्मू-कश्मीर में आगामी चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने माता वैष्णो देवी सीट को सुरक्षित करने के लिए अपने रणनीतिक कदम उठाना शुरू कर दिया है। पार्टी के नेताओं का मानना है कि इस सीट पर किसी भी तरह की लापरवाही उनके लिए भारी पड़ सकती है, जैसे कि अयोध्या और बद्रीनाथ में पहले हुआ।
भाजपा की रणनीति
- स्थानीय स्तर पर जनसमर्थन: भाजपा ने स्थानीय जनसमर्थन को मजबूत करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए हैं, ताकि लोगों को पार्टी की नीतियों और उपलब्धियों के बारे में जागरूक किया जा सके।
- धार्मिक भावनाओं का ध्यान: माता वैष्णो देवी की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्वता को ध्यान में रखते हुए, भाजपा ने धार्मिक भावनाओं का दोहन करने का निर्णय लिया है। पार्टी के नेता लगातार मंदिर क्षेत्र में जाकर श्रद्धालुओं से मिल रहे हैं।
अयोध्या और बद्रीनाथ का संदर्भ
भाजपा नेताओं का मानना है कि यदि माता वैष्णो देवी सीट को लेकर कोई गलती हुई, तो इसका हश्र अयोध्या और बद्रीनाथ की तरह हो सकता है, जहां पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली थी। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि भाजपा अपनी लोकप्रियता को बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
विपक्ष ने भाजपा की रणनीतियों पर सवाल उठाए हैं, यह कहते हुए कि पार्टी केवल चुनावी लाभ के लिए धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल कर रही है। उनका कहना है कि इससे धर्म और राजनीति का मिश्रण हो रहा है, जो ठीक नहीं है।
