पाकिस्तानी भिखारियों की वजह से बढ़ी सऊदी अरब की टेंशन, जानिए पूरा मामला है क्या?
हाल ही में सऊदी अरब में बढ़ते पाकिस्तानियों की संख्या, विशेष रूप से भिखारियों के बीच, एक नए विवाद का कारण बन गई है। इस समस्या ने न केवल स्थानीय प्रशासन को परेशान किया है, बल्कि इससे सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच तनाव भी बढ़ रहा है।
मामला क्या है?
सऊदी अरब के विभिन्न शहरों में, खासकर मक्का और मदीना जैसे पवित्र स्थलों के आस-पास, पाकिस्तानी भिखारियों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि देखी गई है। इन भिखारियों ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को परेशान करना शुरू कर दिया है, जिससे सऊदी सरकार के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
स्थानीय प्रशासन की चिंता
सऊदी अधिकारियों का कहना है कि ये भिखारी न केवल समाज में अव्यवस्था पैदा कर रहे हैं, बल्कि यह देश की छवि को भी प्रभावित कर रहा है। प्रशासन ने इस स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया है। भिखारियों की पहचान और उन्हें हटाने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
इस मामले पर पाकिस्तान सरकार ने भी चिंता जताई है। उन्होंने सऊदी अरब से आग्रह किया है कि वे अपने नागरिकों की भलाई के लिए उचित कदम उठाए। पाकिस्तान में कई लोग इस स्थिति को एक सामाजिक समस्या के रूप में देख रहे हैं, जहां बेरोजगारी और गरीबी के कारण लोग विदेशों में भिक्षा मांगने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
सऊदी अरब का दृष्टिकोण
सऊदी अरब सरकार ने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने भिक्षा मांगने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की योजना बनाई है। सऊदी अधिकारियों का मानना है कि यह कदम न केवल उनके नागरिकों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह उनके धार्मिक स्थलों की पवित्रता को भी बनाए रखने में मदद करेगा।
