किडनी की बीमारी से ग्रसित मरीजों के लिए फायदेमंद साबित हुई कोविड वैक्सीन: रिसर्च

“कोविड वैक्सीन से किडनी संबंधी जटिलताओं का खतरा कम: यूसीएलए की रिसर्च“

लॉस एंजिल्स – यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया-लॉस एंजिल्स (यूसीएलए) ने शुक्रवार को एक नई रिसर्च जारी की है, जिसमें खुलासा हुआ है कि कोविड वैक्सीन लेने वाले मरीजों में एक्यूट किडनी इंजरी (AKI) होने के बावजूद गंभीर जटिलताएं और डायलिसिस की जरूरत कम देखी गई है।

वैक्सीन लेने वाले मरीजों को मिला फायदा:

यूसीएलए के शोधकर्ताओं ने मार्च 2020 से मार्च 2022 के बीच कोविड के चलते अस्पताल में भर्ती करीब 3,500 मरीजों का डेटा खंगाला। इनमें से 972 मरीजों को AKI की समस्या थी। जिन मरीजों को कोविड से पहले वैक्सीन लगी थी, उन्हें अस्पताल से छुट्टी के बाद डायलिसिस की कम जरूरत पड़ी और उनकी मृत्यु दर भी कम रही।

  • बिना वैक्सीन वाले 65 मरीजों (15.8%) को गंभीर डायलिसिस (CRRT) की जरूरत पड़ी।
  • वहीं, वैक्सीन लगे हुए 51 मरीजों (10.9%) को ही CRRT की जरूरत हुई।
  • वैक्सीन न लेने वालों में अस्पताल से छुट्टी के बाद CRRT की जरूरत 2.56 गुना अधिक थी।

क्या है एक्यूट किडनी इंजरी?

AKI एक ऐसी स्थिति है जो कोविड संक्रमण के दौरान बहुत आम है और किडनी के काम करने की क्षमता को प्रभावित करती है। यह स्थिति अगर गंभीर हो जाए तो डायलिसिस या किडनी प्रत्यारोपण की जरूरत भी पड़ सकती है।

रिसर्च के मुख्य निष्कर्ष:

  • कोविड वैक्सीन गंभीर AKI से ग्रसित मरीजों के लिए संरक्षण का काम करती है।
  • वैक्सीन से ICU में विशेष डायलिसिस की जरूरत कम हो सकती है।
  • दीर्घकालिक स्वास्थ्य पर इसका सकारात्मक असर देखने को मिला।

विशेषज्ञ की राय:

यूसीएलए की एसोसिएट प्रोफेसर और प्रमुख लेखक डॉ. निलोफर नोबख्त ने कहा,

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