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कार्यस्थल पर दिन प्रतिदिन होने वाले तनाव के नकारात्मक प्रभाव से कैसे रहे दूर – डॉ . उत्तम गुप्ता (वरिष्ठ मानसिक रोग विशेषज्ञ )

कार्यस्थल पर दिन-प्रतिदिन होने वाले तनाव के नकारात्मक प्रभाव से कैसे रहें दूर – डॉ. उत्तम गुप्ता (वरिष्ठ मानसिक रोग विशेषज्ञ)

आज की तेज रफ्तार और प्रतिस्पर्धात्मक जीवनशैली में कार्यस्थल पर तनाव एक आम समस्या बन गया है। यह न केवल मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालता है, बल्कि शारीरिक समस्याओं को भी जन्म देता है। वरिष्ठ मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. उत्तम गुप्ता ने कार्यस्थल पर तनाव को दूर रखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:

1. समय प्रबंधन को प्राथमिकता दें

कार्यस्थल पर काम का दबाव तब बढ़ता है जब समय का प्रबंधन सही तरीके से नहीं किया जाता।

  • क्या करें:
    • दिन के कामों की प्राथमिकता तय करें।
    • छोटे-छोटे ब्रेक लें और खुद को तरोताजा करें।

2. स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं

तनाव कम करने के लिए एक स्वस्थ जीवनशैली बेहद जरूरी है।

  • क्या करें:
    • नियमित व्यायाम करें, जैसे योग, ध्यान या तेज़ चलना।
    • संतुलित आहार लें और जंक फूड से बचें।

3. कार्यस्थल पर सकारात्मक माहौल बनाएं

सहकर्मियों के साथ अच्छे संबंध और टीम भावना तनाव कम करने में मदद करते हैं।

  • क्या करें:
    • संवाद बनाए रखें और जरूरत पड़ने पर मदद मांगने में संकोच न करें।
    • सकारात्मक सोच विकसित करें और छोटी-छोटी उपलब्धियों का जश्न मनाएं।

4. तनाव के लक्षण पहचानें और उन्हें नजरअंदाज न करें

लंबे समय तक तनाव को नजरअंदाज करना गंभीर मानसिक बीमारियों का कारण बन सकता है।

  • क्या करें:
    • यदि सिरदर्द, नींद की कमी या चिड़चिड़ापन लगातार बना रहता है, तो विशेषज्ञ से सलाह लें।
    • तनाव प्रबंधन के लिए प्रोफेशनल थेरेपी का सहारा लें।

5. तकनीक का उपयोग सीमित करें

24/7 ईमेल और फोन चेक करना तनाव को बढ़ा सकता है।

  • क्या करें:
    • काम और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन बनाएं।
    • “डिजिटल डिटॉक्स” के लिए समय निकालें।

6. खुद को प्रेरित रखें

अपने लक्ष्य और उपलब्धियों को पहचानें और अपने प्रयासों की सराहना करें।

  • क्या करें:
    • हर दिन कुछ नया सीखने की आदत डालें।
    • तनाव को कम करने के लिए रचनात्मक गतिविधियों, जैसे पेंटिंग, संगीत, या पठन, में शामिल हों।

डॉ. गुप्ता का कहना है, “तनाव को दूर रखना एक निरंतर प्रक्रिया है। इसके लिए खुद के साथ ईमानदारी और अपनी सीमाओं को पहचानना जरूरी है। मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देकर ही कार्यस्थल पर बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है।”

कार्यस्थल पर तनाव का प्रबंधन न केवल व्यक्तिगत खुशी के लिए आवश्यक है, बल्कि एक स्वस्थ और उत्पादक कार्य संस्कृति बनाने के लिए भी महत्वपूर्ण है।

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